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NPPA Medicine Price Update: 39 नई दवाओं के खुदरा मूल्य तय, BP-डायबिटीज समेत गंभीर बीमारियों की दवाएं होंगी सस्ती

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Alam Ki Khabar: राष्ट्रीय औषधि मूल्य निर्धारण प्राधिकरण (NPPA) ने डीपीसीओ 2013 के तहत 39 नई दवा फॉर्मूलेशन के खुदरा मूल्य तय किए हैं। इनमें हाई बीपी, डायबिटीज, एचआईवी, हृदय रोग और आंखों की दवाएं शामिल हैं।

नई दिल्ली, 11 जुलाई। आलम की खबर: देश में दवाओं की कीमतों को नियंत्रित करने की दिशा में राष्ट्रीय औषधि मूल्य निर्धारण प्राधिकरण (NPPA) ने बड़ा कदम उठाया है। प्राधिकरण ने औषधि (मूल्य नियंत्रण) आदेश यानी DPCO, 2013 के तहत 39 नई दवा फॉर्मूलेशन के खुदरा मूल्य निर्धारित कर दिए हैं। इन दवाओं में हाई ब्लड प्रेशर, डायबिटीज, एचआईवी, हृदय रोग और आंखों से जुड़ी बीमारियों के इलाज में इस्तेमाल होने वाली दवाएं शामिल हैं।

एनपीपीए का कहना है कि इस कदम का उद्देश्य मरीजों को जरूरी दवाएं उचित और किफायती कीमत पर उपलब्ध कराना है। प्राधिकरण की ओर से 8 जुलाई को जारी अधिसूचना में स्पष्ट किया गया है कि यह नई दवा फॉर्मूलेशन के लिए खुदरा मूल्य निर्धारण आदेश है, इसे दवाओं की कीमत घटाने वाला आदेश नहीं माना जाएगा।

नई कीमतों में कई महत्वपूर्ण दवाओं को शामिल किया गया है। इनमें एमलोडिपाइन + बिसोप्रोलोल + टेल्मिसार्टन टैबलेट का खुदरा मूल्य 14.74 रुपये प्रति टैबलेट निर्धारित किया गया है। यह दवा आमतौर पर उच्च रक्तचाप और हृदय संबंधी समस्याओं के इलाज में उपयोग की जाती है।

इसके अलावा आंखों के संक्रमण और ऑपरेशन के बाद उपयोग होने वाली नेपाफेनाक + मोक्सीफ्लोक्सासिन ऑप्थेल्मिक सॉल्यूशन आई ड्रॉप का खुदरा मूल्य 68.64 रुपये प्रति मिलीलीटर तय किया गया है। वहीं हृदय रोगियों के लिए उपयोग होने वाली क्लोपिडोग्रेल + एस्पिरिन + एटोरवास्टेटिन कैप्सूल की कीमत 6.37 रुपये प्रति कैप्सूल निर्धारित की गई है।

एनपीपीए ने दवा कंपनियों, खुदरा विक्रेताओं और डीलरों के लिए नियमों को दोहराते हुए कहा है कि सभी दुकानदारों को निर्माताओं द्वारा उपलब्ध कराई गई मूल्य सूची और पूरक मूल्य सूची को अपने प्रतिष्ठान में प्रमुख स्थान पर प्रदर्शित करना अनिवार्य होगा।

प्राधिकरण ने डीपीसीओ, 2013 के प्रावधानों का हवाला देते हुए कहा कि ग्राहकों को दवाओं की कीमतों की जानकारी आसानी से उपलब्ध होनी चाहिए। इससे मरीजों और उनके परिजनों को दवाओं की सही कीमत जानने में मदद मिलेगी और अधिक कीमत वसूली की शिकायतों पर रोक लगेगी।

अधिसूचना में यह भी कहा गया है कि यदि कोई निर्माता या मार्केटिंग कंपनी निर्धारित खुदरा मूल्य का पालन नहीं करती है और ग्राहकों से अधिक राशि वसूलती है तो उसे अतिरिक्त वसूली गई राशि ब्याज सहित जमा करनी होगी। ऐसी कंपनियों पर आवश्यक वस्तु अधिनियम, 1955 और डीपीसीओ, 2013 के तहत कार्रवाई की जा सकती है।

स्वास्थ्य क्षेत्र में दवाओं की कीमत आम लोगों के लिए एक बड़ी चिंता का विषय रही है। लंबे समय तक चलने वाली बीमारियों जैसे डायबिटीज, ब्लड प्रेशर और हृदय रोगों के मरीजों को हर महीने दवाओं पर बड़ी राशि खर्च करनी पड़ती है। ऐसे में जरूरी दवाओं के मूल्य निर्धारण से मरीजों को आर्थिक राहत मिलने की उम्मीद है।

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दवा कीमतों में पारदर्शिता जरूरी

दवाओं की कीमत तय करना केवल आर्थिक मुद्दा नहीं बल्कि आम लोगों के स्वास्थ्य से जुड़ा विषय है। एनपीपीए का यह कदम मरीजों को सही कीमत की जानकारी देने और बाजार में पारदर्शिता बढ़ाने की दिशा में महत्वपूर्ण माना जा रहा है। अब जरूरत है कि नियमों का पालन जमीन पर भी प्रभावी तरीके से हो।

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